ठंड लगने पर घरेलू उपचार In Hindi

दोस्तों, ठण्ड के दिनों में हम बहुत सी बीमारी का शिकार हो जाते हैं जैसे सर्दी – जुकाम, खांसी और बदन दर्द जैसी बिमारियों का साया हो जाता है|ऐसे में हमे बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और बहुत से लोग depressive का शिकार हो जाते हैं|देखा जाता है लोग सर्दी के मौसम में अपना ध्यान नही रख पाते हैं और छोटी छोटी बिमारियों को ignore कर देते हैं|ठंड लगना और उससे जुडी बीमारियाँ होना आम बात है|लेकिन जो लोग इसे ध्यान में नही रखते उनको बहुत बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है|आज हम आपको ठंड लगने के लक्षण के बारे में जानकारी देंगें|अगर हम आपसे सर्दियों के मौसम के बारे में अगर करें तो यह बहुत ही सुहाना मौसम होता हैं साथ ही इस मौसम में बहुत सी बीमारियाँ पैदा होती है और ऐसे में जब हम थोड़ी सी भी लापरवाही करते हैं तो हमें इस मौसम का शिकार होना पड़ता है|आज इस आर्टिकल के माध्यम से मै आपको ठंड लगने के कुछ घरेलू उपचार के बारे में जानकारी दे रहा हूँ|

ठंड लगने पर घरेलू उपचार In Hindi

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वैसे आप सभी जानते हैं सर्दी खांसी में दादी माँ के घरेलू नुश्खे ही काम आते हैं|इसलिए हमें इस मौसम में बहुत ही अधिक सावधानी बरतनी पडती है|इस मौसम में अक्सर हाथ पैर की अंगुलियाँ लाल हो जाती है, फेफड़ों में एलर्जी हो जाती है और इसके साथ नाक में एलर्जी, ब्लडप्रेशर आदि समस्याएं पैदा हो जाती है|आज मै आपको ठंड लगने के लक्षण बताऊंगा साथ ही इससे बचाव कैसे किया जाये और ठण्ड लगने के घरेलू उपचार के बारे में अच्छे से बताऊंगा उम्मीद है आप सभी को बेहद पसंद आएगा|आइये जानते हैं|

ठंड लगने के कारण –

ठंड लगने पर घरेलू उपचार In Hindi

  • दोस्तों ठंड लगने का सबसे बड़ा कारण होता है अपने शरीर का ध्यान न रखना सही देखभाल न करना|अक्सर देखा जाता है लोगों का खानपान सही समय पर नही होता है|
  • दूसरा कपड़ों का पहनाव सही ढंग से न होना|
  • जाड़े के मौसम में अगर आप कहीं भी निकलते हैं और कपडे अच्छे से नही पहनते हैं इससे आपको ठंड लग जाती है|
  • रात में सोते समय अगर पैर धूल रहे हैं तो उसे अगर आप कपडे से पोछते नही हैं इससे ठंड लग जाती है|

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ठंड लगने के लक्षण –

  1. दोस्तों आपको बताये अक्सर सर्दियों के दिनों में हमारे हाथ पैर की अंगुलियाँ लाल हो जाती है, ऐसे में हमारी अंगुलियों में सूजन और खुजली होने लगती है|आपको बताये जब बार-बार हमारी अंगुलियां पानी के संपर्क में आती है, तो इसमें पिंक आने लगती है, जिसको ठीक होने में काफी समय लग जाता है|दोस्तों इसके लिए हमें ठंड से बचकर रहना चाहिए और अपने शरीर को गर्म रखना चाहिए|
  2. दूसरी बात बताये सर्दियों के दिनों में हमारे शरीर की कोशिकाएं और श्वास नली सिकुड़ जाती है|जिसके कारण हमें साँस लेने में दिक्कत आने लगती है|जो लोग अस्थमा के मरीज होते हैं उन्हें तो इस मौसम में बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता है|इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरल इन्फेक्शन का सामना भी करना पड़ सकता है|यह अक्सर धूल और ठंड के कारण होता है|
  3. बढ़ती उम्र के साथ हमें जिस रोग का सामना करना पड़ता है|उस रोग का नाम है गठिया|इससे जोड़ों में दर्द, अकडन, और सुजन पैदा हो जाती है और पीड़ा होने लगती है|सर्दियों में ठंड के कारण इसकी समस्या बढ़ जाती है|इसके लिए हमें अपने जोड़ो को ज्यादा से ज्यादा गर्म रखना चाहिए और अधिक मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए|इससे भी आपको परेशानी हो सकती है|
  4. ठंड में हमारी त्वचा को कई प्रकार की एलर्जी का सामान करना पड़ता है|इसमें डर्मेटाइटिस, त्वचा में दरारे, त्वचा में खुजली होना आदि शामिल है|जब हमारी त्वचा की नमी कम होने लगती है, तब हमें ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है|
  5. सर्दी का मौसम ठंडा होता है जिसके कारण हमें कम पसीना आता है और हमें प्यास भी कम लगती है यही कारण है कि हम पानी कम पीते हैं जिसके कारण हमारे शरीर में पानी की कमी आ जाती है|जिसे हम डिहाइड्रेशन के नाम से जानते हैं|इसके साथ जब हम ठंड में सांस लेते और छोड़ते हैं तो हमारे मुंह से भाप निकलती है जो पानी के स्तर को कम कर देती है जो डिहाइड्रेशन का कारण बनता है|इसलिए हमें सर्दियों के दिनों में कम से कम आठ से दस गिलास पानी के पीने चाहिए|तो इस तरह आप ठंड लगने के लक्षण को आसानी से पहेचन सकते हैं अब आइये जानते हैं ठंड लगने के घरेलू उपचार कैसे हैं|

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ठंड लगने के घरेलू उपचार –

ठंड लगने पर घरेलू उपचार In Hindi

  1. नमक पानी के गरारे करें या भाप लें|इससे आपके जुकाम और ठंड में राहत मिलेगी|
  2. इसमें गर्म तरल पदार्थ का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए|
  3. तुरंत गर्म से ठंडे में और ठंडे से गर्म में न जाएं, अन्यथा इससे इस संक्रमण की गिरफ्त में आ सकते हैं|
  4. केसर को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें|इस पेस्ट को नाक पर, माथे, सीने पर और हाथों की हथेलियों पर लगाने से सर्दी जुकाम में राहत मिलती है|
  5. पीपली, काली मिर्च, सौंठ और मुलहठी का चूर्ण बनाकर शहद के साथ लेना अच्छा रहता है|
  6. मुलहठी के चूर्ण को पान के पत्ते पर रखकर दांतों से चबाकर चूसते रहें|इससे आपको लाभ मिल सकता है|

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इस तरह आप अगर सर्दी जुकाम से अधिक दिक्कत हो तो काढ़े का सेवन निरंतर करते रहें इससे आपको बहुत फायदा मिलेगा|अगर आप सभी ने मेरे इस पोस्ट को अच्छे से read किया होगा तो मै उम्मीद के साथ कह सकता हूँ आप सभी को मेरा ये पोस्ट बहुत फायदा पंहुचा सकता है और अगर आपने follow किया होगा तो आपको लाभ मिलेगा इसमें कोई संसय होना ही नही चाहिए|अब अगर आपको कुछ पूछना हो तो नीचे message box में comment कर बता सकते हैं|

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