बुजुर्ग का बटुआ

बुजुर्ग का बटुआ(कहानी)

दोस्तों, दुनिया की गहराई में अगर हम चले जाते हैं तो हमे सच में सब कुछ नश्वर दिखाई देता है सब कुछ झूठा दिखाई देता है अगर इस दुनिया में सत्य कोई चीज़ है सच अगर कुछ है तो वो है मृत्यु|लेकिन फिर भी सभी लोग झूटे के मायाजाल में अपना जीवन समाप्त कर देते हैं अंत में क्या होता है कि सब कुछ यहीं रह जाता है और हम इस दुनिया को छोड़ कर चले जाते हैं|आज हम देख रहे हैं सभी का जीवन मोह माया के बंधन में बंधा हुआ है किसी को अपने बेटे के भविष्य की चिंता है तो किसी को अपने लड़की की शादी और सभी लोग बस पैसे कमाने में लगे हैं|आज ऐसी परिस्थिति हो गयी है कि कोई किसी को पहचान नही रहा बस सभी अपने काम में व्यस्त हैं प्रेम भाव की बात सब खत्म हो गयी है|आज मै आपको ऐसी ही एक कहानी को सुनाने और बताने जा रहा हूँ जो की बहुत प्रेरणादायक कहानी है आप सभी को पढना चाहिए|

बुजुर्ग का बटुआ

मोह माया में फंसे इंसान का जीवन (बुजुर्ग का बटुआ)

मोह माया सभी को अपने मायाजाल में जकड़े हुए है – एक बुजुर्ग एक ट्रेन के स्लीपर क्लास में सफ़र कर रहा था, वह एक तीर्थयात्रा पर निकला हुआ था|सुबह के समय एक युवक ने अपने साथ के एक आदमी से पूंछा कि क्या किसी का बटुआ खोया हुआ है और बुजुर्ग में कहा की उसका बटुआ खोया है|

युवक ने पूंछा – बटुए के अंदर क्या है?

बुजुर्ग में कहा की उसके बटुए में बाल कृष्ण की फोटो है|

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युवक ने बटुआ उसे दे दिया तभी उसी समय उस बुजुर्ग ने कहा कि इस बटुए की एक कहानी है|सभी यात्रियों को आश्चर्य हुआ कि इस बटुए की क्या कहानी हो सकती है और उन सभी ने बुजुर्ग से बटुए की कहानी सुनाने को कहा|

बुजुर्ग ने कहानी शुरू कर दी – जब मै सातवीं कक्षा में था तो मेरे पिता ने मेरे जन्मदिन पर मुझे ये बटुआ उपहार स्वरुप भेंट किया था|मैंने उस समय अपने पूज्यनीय माता पिता की फोटो इसमें लगायी|

जब मै कॉलेज में था तब मैंने अपने माता पिता की फोटो निकाल दी और इसमें अपनी फोटो लगा ली क्योंकि मै अपने को युवा और सुंदर समझता था|शादी के बाद मै अपनी पत्नी से अधिक प्रेम करता था इसलिए मैंने अपनी फोटो हटाकर अपनी पत्नी की फोटो लगा ली|

इसके बाद मेरा एक बेटा हुआ जिससे मै बहुत प्रेम करता था इसलिए मैंने अपनी पत्नी की फोटो भी निकल कर अपने बेटे की फोटो बटुए में लगा ली|

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अब पांच साल पहले पत्नी की मृत्यु हो गयी और मेरा एक पुत्र अपने पत्नी और बेटा बेटी के साथ दिल्ली में रहता है वह अपने नौकरी में इतना अधिक व्यस्त है कि मुझसे बात करने की भी फुर्सत नही है कि बात कर सके|उनके बच्चे अपनी पढाई में अपने कंप्यूटर में व्यस्त हैं|वे शायद ही कभी मेरे पास आते हैं और आने की सोचते हैं|एक बार जब मै बच्चों से बात कर रहा था तो बहू ने मुझे डाट लगायी कि मै बच्चों को अपने समय की गुजरी हुयी बातें बताकर उनका समय खराब न करू|

अब दुनिया में मै अकेला रह गया था हतोत्साह और असहाय|परिवार में कोई भी मुझसे बात करने के लिए नही था|आखिरकार मुझे भगवान् कृष्ण को ही बच्चे के रूप में प्यार करना पड़ा और मै उनकी फोटो अपने बटुए में रखता हूँ|वे मेरे जीवन के सबसे अच्छे साथी साबित हुए हैं यही सत्य भी है|भगवान् सदैव सभी के साथ रहते हैं पर कोई ध्यान नहीं देता हैं|

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आपको बताऊ अब मै इतना व्यस्त और मस्त रहता हूँ और वो मुझे व्यस्त रखते हैं की किसी और के बारे में सोचने का समय नही है|वो मेरे दिल में सदैव रहते हैं और मै इन्हें कभी भूल नही सकता|

दोस्तों दुनिया का सत्य यही है ऐसा सभी के जीवन में होता है क्योंकि ये दुनिया सब एक दुसरे से स्वार्थ की भूखी है|सभी को सिर्फ अपना स्वार्थ समझ में आता है|प्रेम भावना की बात अब नही रही|इसलिए मै तो सभी से यही कहूँगा की आप भगवान् में अपने दिल और दिमाग और मन को लगायें जो हमेशा आपके साथ रहते हैं और आपके वही सब कुछ हैं और आप भी उन्ही की संतान हैं|

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मै समझ सकता हूँ आप सभी को मेरी ये कहानी बेहद पसंद आई होगी अगर आप ऐसी ही कहानी को पढना चाहते हैं तो आप मेरे वेबसाइट पर विजिट करें और भी बहुत सी रोचक जानकारी मिल सकेगी|अगर आप सभी को मेरी ये कहानी और पोस्ट अच्छा लगा हो तो मुझे जरुर बताएं|नीचे message के द्वारा आप पूछ और बता सकते हैं|

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