माँ काली पूजा की Date और पूजन विधि

दोस्तों, हमारे देश में क्या पूरे विश्व में माँ काली की पूजा होती है|जब तक धरती और आसमान रहेगा माँ की पूजा जरुर होगी|आप सभी जानते हैं हर वर्ष अक्टूबर के महीने में माँ काली की पूजा बड़े धूम धाम से सभी मनाते हैं|देवी दुर्गा के विभिन्न अवतारों में से एक हैं काली माता|आपको साथ ही बताना चाहूँगा इस बार यानि 2017 में माँ काली की पूजा हम सभी अक्टूबर में 18 अक्टूबर को मनाएंगे जो की बुधवार को मनाया जायेगा|

माँ काली पूजा date और विधि

आपको बताऊ माँ काली शक्ति सम्प्रदाय की प्रमुख देवियों में से एक हैं|काली पूजा एक हिन्दु त्योहार है जो देवी काली को समर्पित है|दीवाली उत्सव के दौरान अमावस्या तिथि के दिन काली पूजा को मनाया जाता है|भारत में दीवाली के दौरान अमावस्या तिथि पर अधिकतर लोग जब लक्ष्मी माँ की पूजा करते हैं तब पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और असम में दीवाली के दौरान अमावस्या तिथि पर लोग देवी काली की पूजा करते हैं|

माँ काली की पूजा विधि –

माँ काली पूजा date

काली मां सिद्धि और पराशक्तियों की आराधना करने वाले साधकों की इष्ट देवी मानी गई हैं|लेकिन केवल तांत्रिक साधना के लिए ही नहीं अपितु आम जन के लिए भी मां काली की आराधना समान रूप से फलदायी मानी गई हैं|माँ काली की पूजा बड़े विधि विधान से की जाती है तो आज मै आपको माँ काली की पूजा की विधि बताऊंगा और माँ की साधना कैसे की जाती है सभी बड़े विस्तार से बताने जा रहा हूँ उम्मीद है आपको जरुर पसंद आएगा|आप सभी जानते हैं|कई लोग मां काली का भयंकर रूप देख इनसे डरते हैं जो गलत है जबकि सत्य तो यह है कि मां काली की आराधना से मनुष्य स्वयं सभी भयों से मुक्त हो सकता है|अगर आप भी मां काली को नवरात्रों से इतर घर पर पूजने से कतराते हैं| तो आइये इस लेख के माध्यम से जानें मां काली की घर पर आराधना करने से कौन-से लाभ होते हैं और कैसे घर पर मां काली की पूजा की जानी चाहिए|आइये जानते हैं|

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  • आपको बताना चाहूँगा घर में मां की पूजा करना बेहद आसान है|इसके लिए आप घर के मंदिर में मां काली की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें|इस पर तिलक लगाएं और पुष्प आदि अर्पित करें|मां काली की पूजा में पुष्प लाल रंग का और कपडे काले रंग के होने चाहिए|
  • दोस्तों माँ काली की पूजा दो तरीके से सामान्यतया की जाती है एक तो सामान्य और दूसरा तंत्र पूजा|तांत्रिक पूजा जो माँ काली की की जाती है उसको बिना गुरु या किसी अच्छे पंडित की बिना नही करनी चाहिए और आपको बताना चाहूँगा कि माँ काली की पूजा मध्य रात्रि में ही की जाती है|
  • माँ काली की पूजा में लाल और काली वस्तुओं का बड़ा महत्त्व है|इसलिए आप से बताये लाल फूल और चन्दन से माँ की आराधना करें|साथ ही काला कपडा बहुत पसंद होता है तो इन बातों का विशेष ध्यान रखे|लाभ होगा|
  • आपको बताना चाहूँगा अधिकांश वर्षो में दीवाली पूजा और काली पूजा एक ही दिन होते हैं लेकिन कुछ वर्षो में काली पूजा दीवाली पूजा से एक दिन पहले पड़ जाती है|काली पूजा के लिए मध्यरात्री का समय, जब अमावस्या तिथि प्रचलित होती है, उपयुक्त माना जाता है जबकि लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष का समय, जब अमावस्या तिथि प्रचलित होती है, उपयुक्त माना जाता है|

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  • दोस्तों माँ काली की पूजा का आसान तरीका बताएं एक आसन पर बैठकर प्रतिदिन मां काली के किसी भी मंत्र का 108 बार जप करें|काली गायत्री मंत्र या मां के बीज मंत्रों का जप करना बेहद फलदायी माना जाता है|इससे आपके सभी दुःख दूर हो जायेंगे इसमें कोई संसय होना ही नही चाहिए|
  • इतना ही नही अगर आप जप के बाद प्रसाद के रूप में मां काली को भोग अवश्य अर्पण करें|अपनी इच्छा पूरी होने तक इस प्रयोग को जारी रखें|यदि आप विशेष उपासना करना चाहते हैं तो सवा लाख, ढाई लाख, पांच लाख मंत्र का जप अपनी सुविधा अनुसार कर सकते हैं|मै आपको दावे के साथ कह सकता हूँ कोई भी रुका हुआ काम हो आपका पूर्ण हो जायेगा|

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मन्त्र –

“ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै:||

“ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा||

दोस्तों इस तरह आप मेरे द्वारा बताये गये इन सभी तरीको को अगर अपनाएंगे तो मै उम्मीद के साथ कह सकता हूँ आपको बहुत लाभ मिल सकता है और आप सुखदायी जीवन जी सकते हैं|माँ काली की पूजा में बहुत शक्ति है|इसमें आपको कोई संसय नही होना चाहिए|आप सच्ची श्रद्धा से माँ काली की पूजा विधि पूर्वक करें लाभ होगा|अब मै समझ सकता हूँ आप सभी को मेरा ये पोस्ट बहुत अच्छा लगा होगा अगर आप मेरे द्वारा बताये गये आर्टिकल में तरीको को फॉलो करते हैं तो आप जरुर सफल होंगे|

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