सर्दी में Dehydration का इलाज In Hindi

दोस्तों, जैसा की हम सभी जानते हैं अगर हमारा पेट सही रहता है तो कोई बीमारी नही होती है और पेट से ही सभी बिमारियों का प्रकोप होता है|विद्युत अपघट्य ऐसी वस्तुओं को कहा जाता है जिनको पानी में घोलकर बार-बार पिलाने से शरीर में बिजली जैसी लहरें और प्रभाव पैदा करके रक्त और शरीर में निर्जलीकरण को दूर कर देती है|सोडियम, पोटाशियम और क्लोराइड के पानी में ये गुण होते हैं|उबाल कर ठंडे किये गये एक गिलास पानी में चुटकी भर नमक और दो छोटे चम्मच चीनी डालकर मिला लें|तरलाभाव के रोगी को बार-बार यही पानी पिलायें|बच्चे को यह पानी 2-3 चम्मच भर प्रत्येक 5-10 मिनट बाद थोड़ा-थोड़ा पिलाते रहने से रक्त व शरीर के तरलाभाव यानि (डीहाइड्रेशन) की सुगमतापूर्वक पूर्ति हो जाती है|

सर्दी में dehydration का इलाज in hindi

आज मै आपको सर्दी में डिहाइड्रेशन का इलाज बताने वाला हूँ|आपको बताये एक लीटर उबालकर ठण्डे किये पानी में सोडियम क्लोराइड (नमक) डेढ़ ग्राम, सोडा बाई कार्ब ढाई ग्राम, पोटाशियम क्लोराइड डेढ़ ग्राम, ग्लूकोज 50 ग्राम को मिलाकर रख लें|थोड़ी-थोड़ी मात्रा में यह पानी तरलाभाव में पिलाना भी गुणकारी है|सर्दियां आते ही हम बीमारियों से बचने के लिए सावधानियां बरतना शुरू कर देते हैं|सर्दियों में खुद को स्वस्थ रखने के लिए तरह-तरह के उपायों का भी सहारा लेते हैं|

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सर्दियों में डिहाइड्रेशन का इलाज –

ऐसे मौसम में त्वचा और होठों के फटने के साथ-साथ अन्य चीजों पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो जाता है|सर्दियां जब भी आती हैं, अपने साथ छोटे बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं के लिए कई समस्याएं लेकर आती है|य़ह एक ऐसा समय होता है, जब व्यक्ति को खुद का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है|

सर्दियां आते ही हम बीमारियों से बचने के लिए सावधानियां बरतना शुरू कर देते हैं|सर्दियों में खुद को स्वस्थ रखने के लिए तरह-तरह के उपायों का भी सहारा लेते हैं|ऐसे मौसम में त्वचा और होठों के फटने के साथ-साथ अन्य चीजों पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो जाता है|सर्दियां जब भी आती हैं, अपने साथ छोटे बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं के लिए कई समस्याएं लेकर आती है|य़ह एक ऐसा समय होता है, जब व्यक्ति को खुद का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है|


सर्दियां आते ही हम बीमारियों से बचने के लिए सावधानियां बरतना शुरू कर देते हैं|सर्दियों में खुद को स्वस्थ रखने के लिए तरह-तरह के उपायों का भी सहारा लेते हैं|ऐसे मौसम में त्वचा और होठों के फटने के साथ-साथ अन्य चीजों पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो जाता है|सर्दियां जब भी आती हैं, अपने साथ छोटे बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं के लिए कई समस्याएं लेकर आती है|य़ह एक ऐसा समय होता है, जब व्यक्ति को खुद का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है|

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  • डिहाइड्रेशन की समस्या पर पानी में थोड़ा-सा नमक और चीनी मिलाकर पिएं|
  • रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीएं। आप चाहे तो गुनगुना पानी भी पी सकते हैं|
  • नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं|
  • मसालेदार भोजन, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और चॉकलेट से दूरी बनाकर रखें|
  • आपको डिहाइड्रेशन की समस्या न हो इसके लिए सिगरेट और शराब से दूरी बनाकर रखें|
  • नमक पानी के गरारे करें या भाप लें|
  • इसमें गर्म तरल पदार्थ का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए|
  • तुरंत गर्म से ठंडे में और ठंडे से गर्म में न जाएं, अन्यथा इससे इस संक्रमण की गिरफ्त में आ सकते हैं|
  • केसर को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें|इस पेस्ट को नाक पर, माथे, सीने पर और हाथों की हथेलियों पर लगाने से सर्दी जुकाम में राहत मिलती है|
  • पीपली, काली मिर्च, सौंठ और मुलहठी का चूर्ण बनाकर शहद के साथ लेना अच्छा रहता है|
  • मुलहठी के चूर्ण को पान के पत्ते पर रखकर दांतों से चबाकर चूसते रहें|

दोस्तों, सर्दी का मौसम ठंडा होता है, जिसके कारण हमें कम पसीना आता है और हमें प्यास भी कम लगती है|यही कारण है कि हम पानी कम पीते हैं जिसके कारण हमारे शरीर में पानी की कमी आ जाती है जिसे हम डिहाइड्रेशन कहते हैं|इसके साथ जब हम ठंड में सांस लेते और छोड़ते हैं तो हमारे मुंह से भाप निकलती है जो पानी के स्तर को कम कर देती है जो डिहाइड्रेशन का कारण बनता है|इसलिए हमें सर्दियों के दिनों में आठ से दस गिलास पानी पीना चाहिए|

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अब मै समझ सकता हूँ आप सभी को मेरा ये पोस्ट बेहद पसंद आया होगा|अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया हो तो नीचे message box में comment करें साथ ही अगर आपको कुछ पूछना हो तो message के द्वारा बता सकते हैं|

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