सुभद्रा कुमारी चौहान का जीवन परिचय

दोस्तों, सुभद्रा कुमारी चौहान जी एक ऐसी लेखिका और सुप्रसिद्ध कवयित्री रही हैं जिनका वर्चस्व सबसे अलग है|आज भी इनका नाम बड़े गौरव के साथ लिया जाता है|आपको बताये सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म नागपंचमी के दिन इलाहाबाद के निकट निहालपुर नामक गांव में रामनाथसिंह के जमींदार परिवार में हुआ था|बाल्यकाल से ही वे कविताएँ रचने लगी थीं|उनकी रचनाएँ राष्ट्रीयता की भावना से परिपूर्ण हैं|सुभद्रा कुमारी चौहान चार बहने और दो भाई थे|उनके पिता ठाकुर रामनाथ सिंह शिक्षा के प्रेमी थे और उन्हीं की देख-रेख में उनकी प्रारम्भिक शिक्षा भी हुई|उनके दो कविता संग्रह तथा तीन कथा संग्रह प्रकाशित हुए पर उनकी प्रसिद्धि झाँसी की रानी कविता के कारण है|ये राष्ट्रीय चेतना की एक सजग कवयित्री रही हैं, किन्तु इन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अनेक बार जेल यातनाएँ सहने के पश्चात अपनी अनुभूतियों को कहानी में भी व्यक्त किया|वातावरण चित्रण-प्रधान शैली की भाषा सरल तथा काव्यात्मक है, इस कारण इनकी रचना की सादगी हृदयग्राही है|

सुभद्राकुमारी को बचपन से ही काव्य-ग्रंथों से विशेष लगाव व रूचि था|आपका विद्यार्थी जीवन प्रयाग में ही बीता|आपको बताये अल्पायु में ही सुभद्रा की पहली कविता प्रकाशित हुई थी|सुभद्रा और महादेवी वर्मा दोनों बचपन की सहेलियाँ थीं|सुभद्राकुमारी का विवाह खंडवा मध्य प्रदेश निवासी  ‘ठाकुर लक्ष्मण सिंह’ के साथ हुआ|पति के साथ वे भी महात्मा गांधी के आंदोलन से जुड़ गईं और राष्ट्र-प्रेम पर कविताएं करने लगी|1948 में एक सड़क दुर्घटना में आपका निधन हो गया|अब मै आपको कुछ अहम् जानकारी देने जा रहा हूँ सुभद्रा कुमारी चौहान जी के बारे में|आइये जानते हैं|

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सुभद्रा कुमारी चौहान जी का जीवन परिचय –

पूरा नाम – सुभद्रा कुमारी चौहान|

जन्म – 16 अगस्त 1904|

जन्म स्थान – इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश|

मृत्यु – 15 फरवरी 1948|

दोस्तों आपको बताऊ ‘बिखरे मोती’ सुभद्रा कुमारी चौहान जी की पहला कहानी संग्रह है|इसमें भग्नावशेष, होली, पापीपेट, मंझलीरानी, परिवर्तन, दृष्टिकोण, कदम के फूल, किस्मत, मछुये की बेटी, एकादशी, आहुति, थाती, अमराई, अनुरोध, व ग्रामीणा कुल १५ कहानियां हैं|आपको बताये इन कहानियों की भाषा सरल बोलचाल की भाषा है|अधिकांश कहानियां नारी विमर्श पर केंद्रित हैं|उन्मादिनी शीर्षक से उनका दूसरा कथा संग्रह 1934 में छपा|इस में उन्मादिनी, असमंजस, अभियुक्त, सोने की कंठी, नारी हृदय, पवित्र ईर्ष्या, अंगूठी की खोज, चढ़ा दिमाग, व वेश्या की लड़की कुल 9 कहानियां है|

इसके बाद आपको बताये इन सब कहानियों का मुख्य स्वर पारिवारिक सामाजिक परिदृश्य ही है|’सीधे साधे चित्र’ सुभद्रा कुमारी चौहान का तीसरा व अंतिम कथा संग्रह है|इसमें कुल 14 कहानियां हैं|रूपा, कैलाशी नानी, बिआल्हा, कल्याणी, दो साथी, प्रोफेसर मित्रा, दुराचारी व मंगला 8 कहानियों की कथावस्तु नारी प्रधान पारिवारिक सामाजिक समस्यायें हैं|हींगवाला, राही, तांगे वाला, एवं गुलाबसिंह कहानियां राष्ट्रीय विषयों पर आधारित हैं|सुभद्रा कुमारी चौहान ने कुल 46 कहानियां लिखी और अपनी व्यापक कथा दृष्टि से वे एक अति लोकप्रिय कथाकार के रूप में हिन्दी साहित्य जगत में सुप्रतिष्ठित हैं|

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“क्या कहते हो कुछ लिख दूँ मैं

ललित-कलित कविताएं

चाहो तो चित्रित कर दूँ

जीवन की करुण कथाएं|”

“सूना कवि-हृदय पड़ा है

इसमें साहित्य नहीं है

इस लुटे हुए जीवन में

अब तो लालित्य नहीं है|”

“मेरे प्राणों का सौदा

करती अंतर की ज्वाला

बेसुध-सी करती जाती

क्षण-क्षण वियोग की हाला|”

कहानी संग्रह –

  • बिखरे मोती|
  • उन्मादिनी|
  • सीधे सीधे चित्र|

कविता संग्रह –

  • मुकुल|
  • त्रिधारा|
  • प्रसिद्ध पंक्तियाँ|

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खूब लड़ी मरदानी वो तो झांसी वाली रानी थी’ जैसी अमर कविता की रचयिता सुभद्रा कुमारी चौहान जितनी बड़ी कवयित्री थीं, उतनी ही बड़ी कथाकार भी थीं|कवितायों की भांति उनकी कहानियाँ भी हिन्दी साहित्य की अमूल्य निधि हैं और पाठकों की संवेदना पर नावक के तीर का-सा असर छोड़ती हैं|सुभद्रा जी की कहानियाँ एक ओर जहाँ रूढ़ियों पर प्रहार करती हैं वहीं ऊपरी दिखावे का भी विरोध करती हैं|उनकी कहानियां पठनीय और संग्रहणीय हैं|इस तरह इन्होने बहुत सी ऐसी रचनाएँ की जो बहुत ही अलौकिक है साथ ही उनमे एक अलग ही भाव है|अब मै समझ सकता हूँ आप सभी मेरे इस पोस्ट को अच्छे से read कर रहे होंगे|वैसे और भी बहुत सी बातें हैं जो आपको जानना जरुरी है आइये जानते हैं|

“भैया कृष्ण ! भेजती हूँ मैं

राखी अपनी, यह लो आज

कई बार जिसको भेजा है

सजा-सजाकर नूतन साज|”

“लो आओ, भुजदण्ड उठाओ

इस राखी में बँध जाओ

भरत – भूमि की रजभूमि को

एक बार फिर दिखलाओ

वीर चरित्र राजपूतों का|..

दोस्तों अब मै उम्मीद के साथ कह सकता हूँ आप सभी को मेरा ये पोस्ट बेहद पसंद आया होगा|अगर आप सभी ने इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ा होगा तो आपको सुभद्रा कुमारी चौहान जी के बारे में जानकारी मिल गयी होगी|अगर आपको कुछ पूछना हो तो आप नीचे message box में comment कर बता सकते हैं|

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