स्वामी विवेकानंद Quotes In Hindi

दोस्तों, स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के लिए एक ऐसे प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं जिनसे प्रेरणा लेने वाले आज तक असफल नही हुए हैं|आप सभी जानते हैं उन्होंने ऐसे नेक काम किये जिससे पूरी दुनिया उनके सामने नतमस्तक है|ऐसे महापुरुष को कौन नही जानेगा|आज मै इस आर्टिकल के माध्यम से आप सभी को स्वामी जी से जुडी कुछ बातें बताऊंगा और साथ ही आपको उनके कुछ विचारों को भी बताने जा रहा हूँ|उम्मीद है आप सभी को जरुर पसंद आएगी|

स्वामी विवेकानंद Quotes 

स्वामी विवेकानंद quotes in hindi

“जितना कठिन संघर्ष होगा 

जीत उतनी ही शानदार होगी|”

“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये|”

“उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो|”

“वे लोग धन्य हैं

जिनके शरीर दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं|”

“पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता, 

ये तीनो सफलता के लिए आवश्यक है 

और प्यार सबसे ऊपर है|”

“जिस समय पर आप जिस काम की प्रतिज्ञा करते हैं

उसे उसी समय पर पूरा कीजिये,

अन्यथा लोगों का विश्वास उठ जायेगा|”

“वे अकेले रहते हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं,

बाकी जिन्दा से ज्यादा मरे हुये हैं|”

“ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है|”

“किसी की निंदा ना करें: अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढाएं. अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये|”

“अगर धन का उपयोग दूसरों की भलाई के लिए नहीं किया जाता है, तो धन बोझ बन जाता है. और उस बोझ तले व्यक्ति दबता चला जाता है|”

“हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिये कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं. विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं|”

“कोई और तुम्हारी मदद नही कर सकता, अपनी मदद स्वयं करो 

आप ही खुद के सबसे अच्छे मित्र हैं और सबसे बड़े दुश्मन भी|”

“जीवन में एक समय ऐसा आता है जब व्यक्ति ये अनुभव करता है कि

दुसरे मनुष्यों की सेवा करना, लाखों जप तप के बराबर है|”

“परोपकार धर्म का दूसरा नाम है 

परपीड़ा सबसे बड़ा पाप|”

“हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा, और परमात्मा उसमे बसेंगे|”

“यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता|”

“हमारा कर्तव्य है कि हम हर किसी को उसका उच्चतम आदर्श जीवन जीने के संघर्ष में प्रोत्साहन करें, और साथ ही साथ उस आदर्श को सत्य के जितना निकट हो सके लाने का प्रयास करें|”

“तुम्हे अन्दर से बाहर की तरफ विकसित होना है. कोई तुम्हे पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्हे आध्यात्मिक नहीं बना सकता. तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है|”

“वेदान्त कोई पाप नहीं जानता, वो केवल त्रुटी जानता है. और वेदान्त कहता है कि सबसे बड़ी त्रुटी यह कहना है कि तुम कमजोर हो, तुम पापी हो, एक तुच्छ प्राणी हो, और तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं है और तुम ये-वो नहीं कर सकते|”

“एक विचार लो. उस विचार को अपना जीवन बना लो – उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार को जियो. अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो. यही सफल होने का तरीका है|”

दोस्तों मै समझ सकता हूँ आप सभी को मेरा ये पोस्ट बहुत अच्छा लगा होगा और अगर आप सभी ने अच्छे से मेरे इस पोस्ट को पढ़ लेंगे तो उम्मीद है आप सभी को अच्छी जानकारी मिल गयी होगी और मै बताऊ स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को अच्छे से जो लोग पढ़े होंगे और पढेंगे उनको सफल होने से कोई रोक नही सकता इसलिए आप सभी स्वामी जी के द्वारा बताये गए विचारों और आचारो को माने और अपने जीवन में उतारें|

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