हीन भावना से कैसे बचें

दोस्तों, हीन भावना एक ऐसी मानसिक स्थिति है जो इंसान को अंदर से खोखला कर देती है इस स्थिति में हम अपनी समस्याओं की बजाय दूसरों की सफलता देखकर बेवजह ही परेशान होते रहते हैं|अगर यह समस्या बहुत ही ज्यादा बढ़ जाये तो वह एक खतरनाक हीन भावना का रूप ले लेती है|कुछ ऐसे कारगर तरीके हैं जिनसे आप हीन भावना का शिकार होने से बच सकते हैं|वह तरीके निम्न हैं –

हीन भावना से कैसे बचें

  • हमेशा अपनी स्थिति का सही आंकलन करें, यहाँ पर स्थिति का मतलब आपकी बौद्धिक, आर्थिक व सामाजिक स्थिति से है क्योंकि अगर आप अपने वास्तविक स्थिति से या यूँ कहें अपनी वास्तविक औकात से सही तरह से रूबरू नही है तो यह आपको दुसरे से तुलना करते वक्त मानसिक पीड़ा प्रदान करता है|
  • दुसरे की स्थिति का भी आपको सही आंकलन करना आना चाहिए|दुसरे को कभी भी कम आंकने की बेवकूफी कतई न करें|
  • मन को हमेशा शांत रखने की कोशिश करें उन सभी कारणों का पता लगायें जो आपकी रोज मर्रा की जिंदगी में अशांति पैदा करते हैं जैसे – आपके कुछ ऐसे दोस्त होंगे जो किसी दुश्मन से कम नही हैं वो हमेशा आपकी मानसिक स्थिति को डामाडोल करने की फिराक में रहते हैं|चाहे उनका यह कार्य इरादतन हो या गैर इरादतन|उनको ऐसा करने में बिना कारण ही बिना बात का मजा आता है और उनके इस  अनावश्यक मनोरंजन की वजह से आपका मन अशांत हो जाता है|
  • एक अच्छे श्रोता बने, किसी के भी द्वारा कही गयी बात पर तब तक कोई कमेंट न दें जब तक आपको उस मामले की तह तक जानकारी न हो और इसके लिए यह बेहद जरुरी होता है की आप उस समस्या या स्थिति से जुड़े लोगो को ध्यान से सुने|
  • आपकी जिंदगी में अनावश्यक बातों की कोई भी जगह नही होनी चाहिए न ही आप किन्ही की अनावश्यक बातों का लुफ्त उठायें और न ही अनावश्यक बातें करें|

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  • TV पर आने वाले किसी भी ऐसे प्रोग्राम को देखने से बचें जो सदैव नकारात्मक घटनाओं का फिल्मांकन करते हैं|हमेशा ऐसी चीजें दिखने की कोशिश करते हैं जैसे कि दुनिया में हर घर में समस्याओं का अम्बार लगा हुआ है और यहाँ तक कि लोगो की भीड़ में एक दो इंसानों को छोड़कर बाकि सारे लोग षड्यंत्रकारी हैं जो कि वास्तव में सच्चाई से परे है|
  • लोगों द्वारा आपको दिए जाने वाले प्यार की अहमियत समझें अगर कोई आप से मधुर वचनों में बात कर रहा है तो ज्यादा तर सम्भावना ये है कि उसे आप से लगाव है|इस लगाव का मान रखना व इस प्यार को सहेज कर रखना आपकी अच्छी मानसिक स्थिति के लिए बेहद जरुरी है क्योंकि दुनिया में कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनका प्यार आपको हीन भावना से ग्रस्त होने से बचाता है|
  • अपनी दिनचर्या को अनुशाषित रखें समय पर उठाना पूरी नींद लेना, अच्छा भोजन करना आपकी मनोस्थिति के लिए अमृत समान है|कम सोया हुआ मस्तिष्क बेवजह की बातों से भी परेसान हो जाता है|थका हुआ दिमाग छोटी मोटी समस्याओ को भी बिकट समस्या का रूप समझ लेता है|
  • अपने अंदर यह आत्मविश्वास पैदा करें कि आप छोटी मोटी समस्याओ को तो यूँ ही सुलझा लेंगे और बड़ी समस्याओ का भी सुचारू रूप से समाधान निकाल लेंगे क्योंकि बुरे वक्त में आपका आत्मविश्वास मजधार में माझी की तरह है|

पलक झपकने न पाए,

तूफ़ान भले ही आ जाये,

मंजिल पे तुम नजर रखो 

न कसर कोई रहने पाए|

  • अपनी पूरी कोशिश करें की आपके साथ साथ आपके दोस्तों का भी मनोबल बना रहे जिससे कि वो आपके आस पास किसी भी प्रकार की नकारात्मक उर्जा का संवहन न करे क्योंकि आपके दोस्तों का विकास आपके विकास के साथ अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है|उनके विकास के लिए अपनी हर संभव मदद दें व कोशिश करें कि आपके द्वारा दी गयी मदद का आपके मित्र द्वारा सदुपयोग किया गया है|
  • महिला मित्रों से खास तौर पर सावधानी रखें क्योंकि मन तो बावला होता है|किसी भी इंसान से लम्बे समय तक मित्रता धीरे धीरे प्यार में तब्दील हो जाती है|यह जरुरी नही कि यह प्यार दोनों तरफ से हो यह एक तरफ़ा भी हो सकता है अब यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि चाहे प्यार एक तरफ़ा हो या दोनों को हुआ हो इसमें तनाव की स्थिति आज नही तो कल आनी ही है|

ऊपर बताई गयी बातें उन उपायों और पर्हेजों का अंश मात्र हैं जो कि आपको हीन भावना के गर्त में जाने से रोकने में कारगर हैं बाकी पूरी कोशिशे व्यक्ति विशेष के अपने निरंतर प्रयास पर निर्भर करती हैं|आपका मन आपकी जिम्मेदारी है इसे संभाल कर रखें|अब मै समझ सकता हूँ आप सभी को मेरा ये पोस्ट बहुत अच्छा लगा होगा अगर आप मेरे द्वारा बताये गए इन सुझाओं और पर्हेजों पर गौर किये होंगे और अच्छे से पढ़े होंगे तो आप अपने जीवन में जरुर सफल होंगे|आपको कुछ पूछना हो तो आप निचे message के द्वारा बता और पूंछ सकते हैं|

  विक्रम पाण्डेय (कवि व लेखक)

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