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Surrogacy क्या है In Hindi

दोस्तों, Surrogacy का मतलब है  स्थानापान्न मातृत्व|आपको बताये ये एक ऐसी कार्यवाही है जिसमे नारी अपनी गर्भावस्था किसी ओर अनुर्वर दम्पति के लिए लेती है|वैसे वर्तमान युग में इस प्रतिक्रिया के प्रयोग ने भाव रूप से काफी प्रसिद्धी पायी है|सम्भावित सरोगट माताओ; अन्तरराष्ट्रीय माँग और चिकित्सा की सुलभ उपलब्धियों ने ही इस क्षेत्र को स्वीकार्य और प्रसिद्ध बनाया है|आज इस आर्टिकल के माध्यम से मै आपको surrogacy के बारे में विस्तार से बताने जा रहा हूँ उम्मीद है आप मेरे इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ेंगे|

Surrogacy in hindi

आपको बताऊ सरोगसी प्रक्रिया मीडिया में भी काफी हिट प्राप्त किया है|अनगिनत एजन्सियाँ तथा क्लिनिको ने इस प्रक्रिया को प्रजनन करने के लिए खोला है|इस प्रकार स्तानापन्न मात्रत्व काफी ईर्ष्या पाया है|कभी कभी, सरोगसी को जीवन बिताने का तरीका माना गया है|यद्यपि, आम तौर पर, सरोगसी एक जीवन मार्ग भी बन गया है|अब आइये हम सबसे पहले जानते हैं ये होता क्या है|

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Surrogacy क्या होता है –

दोस्तों अपने खुद के बच्चे को किसी कारणवश जन्म देने में असमर्थ दंपति के लिए वरदान मानी जाने वाली सरोगेसी आज के समय में बेहद सामान्य होती जा रही है|जिसके लिए अब तो भारत सरकार ने भी कुछ नए नियम और कानून बना दिए है|लेकिन आज के समय में भी ऐसे कई लोग है जिन्हें सरोगेसी का अर्थ तक नहीं पता|इसीलिए आज हम आपको सरोगेसी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराने जा रहे जो आपके लिए भी फायदेमंद हो सकते है|तो जैसा कि मैंने आपको उपर बताया कि एक अन्य महिला और एक दंपति के मध्य किया गया एग्रीमेंट होता है जो अपना खुद का बच्चा चाहते है|

Surrogacy in hindi

आपको बताऊ इस प्रक्रिया के जरिये वे दंपति माता-पिता का सुख भोग सकते है जो किसी कारणवश अपना खुद का बच्चा पैदा नहीं कर पाते|इस प्रक्रिया के तहत वे महिला उस दंपति के बच्चे को नौ महीने तक अपनी कोख में पालती है और उसके जन्म के बाद उन्हें सौंप देती है|जिससे नि:संतान दंपति भी अपने खुद के बच्चे का सुख भोग पाते है|वैसे आपको बताये surrogacy मुख्यतया दो तरह का होता है|

Surrogacy दो तरह का होता है –

  • ट्रेडिशनल सरोगेसी|
  • जेस्टेंशनल सरोगेसी|

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    1. आपको बताऊ इस सरोगेसी में सबसे पहले पिता के शुक्राणुओं को एक अन्य महिला के अंडाणुओं के साथ निषेचित किया जाता है, जिसमें जैनेटिक संबंध सिर्फ पिता से होता है|
    2. इसमें माता-पिता के अंडाणु व शुक्राणुओं का मेल परखनली विधि से करवा कर भ्रूण को सरोगेट मदर की बच्चेदानी में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है|इस विधि में बच्चे का जैनेटिक संबंध माता-पिता दोनों से होता है|इस प्रकार की सरोगेसी में, सरोगेट मां का बच्चे के साथ कोई भी आनुवंशिक संबंध नहीं होता है|इस प्रकिया में सरोगेट मां के अंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाता है और जैविक रूप से बच्चे का संबंध अंडा देने वाले या इच्छित माता-पिता से होता है|
    3. सरोगेट एक बेहतर विकल्प है, खासकर उन लोगों के लिए जो बच्चा पैदा करने में असमर्थ हैं|सरोगेट उन लोगों के लिए खुला विकल्प है, जो बच्चे का इरादा रखते हैं|सरोगेट तब होता है जब एक महिला आपके लिए एक बच्चे को जन्म देती है|उसका बच्चे पर कोई अधिकार नहीं होता है और इस तरह बच्चा, जैसे ही पैदा होता है, कानूनी तौर पर उसका अधिकार नहीं होगा|


  1. अगर आप एक सरोगेट एजेंसी के माध्यम से जाते हैं, तो आपको संभावित सरोगेट मां से साक्षात्कार करने का अवसर दिया जाएगा|इस तरह आप कई सवाल को पूछ सकते सकते हैं| अधिकांश लोगों को पता नहीं है कि एक सरोगेट क्या है|अत्यंत सावधानी और ध्यान देने के साथ यह एक बड़ा निर्णय है|ऐसे लोगों के बारे में कोई नियम नहीं है जो सरोगेट बन सकते हैं, इसलिए इनमें से अधिकांश मानदंड व्यक्तिपरक हैं|
  2. सबसे पहली बात यह है कि यहां भारत में किराए की कोख लेने का खर्चा यानी सरोगेसी का खर्चा अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है और साथ ही भारत में ऐसी बहुत सी गरीब और लाचार महिलाएं भी मौजूद हैं जो बड़ी ही आसानी से सरोगेट मदर बनने को तैयार हो जाती हैं| एक ओर जहां, सरोगेट मदर जो बनती हैं उनका प्रेग्नेंट होने से लेकर डिलीवरी तक अच्छी तरह से देखभाल किया जाता है, वहीं साथ ही उन्हें अच्छी खासी रकम भी दी जाती है|

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दोस्तों इस तरह आज आप सभी ने इस आर्टिकल के माध्यम से जाना कि Surrogacy क्या होता है इसके कितने भाग होते हैं|उम्मीद है आपको समझ आया होगा|अब मै समझ सकता हूँ आप सभी को मेरा ये पोस्ट बहुत अच्छा लगा होगा|अगर आप सभी को मेरा ये पोस्ट अच्छा लगा होगा|तो हमे जरुर बताये|अगर आपको कुछ पूछना हो तो नीचे message box में comment कर बताये|