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शिवाजी जयंती की Date और पूरी जानकारी In Hindi

दोस्तों, छत्रपति शिवाजी जयंती हम सभी प्रति वर्ष मनाते हैं|छत्रपति शिवाजी एक भारतीय योद्धा और मराठा वंश के सदस्य थे|शिवाजी ने आदिलशाही सल्तनत की आधीनता स्वीकार न करते हुए उनसे कई लड़ाईयां की थी|आज इस आर्टिकल के माध्यम से मै आपको छत्रपति शिवाजी के बारे में बताने जा रहा हूँ साथ ही इनके जयंती पर प्रकाश डाल रहा हूँ|इतना ही नहीं आपको मै इनके जीवन काल के बारे में बताऊगा|शिवाजी ने भट से ऐसे सराहनीय कार्य किये जिससे वह महान कहे गये जैसे गोर्रिला पद्धति से कई युद्ध जीते और जिससे उन्होने दुनिया में अपना कीर्तिमान और वर्चस्व  स्थापित किया|

शिवाजी का जीवन परिचय

जैसा की आप सभी जानते है छत्रपति शिवाजी टर्मिनस जिसे पूर्व में विक्टोरिया टर्मिनस कहा जाता था| यह माया नगरी मुंबई का ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन है|जो मध्य रेलवे भारत का मुख्यालय भी है|यह ताजमहल के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है|छत्रपति शिवाजी महाराज एक वीर भारतीय शासक थे|जिन्होंने मराठा साम्राज्य खड़ा किया|शिवाजी बहुमुखी प्रतिभा के धनी  थे|शिवाजी ने अखंड भारत के लिए बहुत से कार्य किये इसी वजह से उन्हे महारास्ट्र में उन्हे भगवान् की तरह पूजा जाता है|

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छत्रपति शिवाजी का जीवन परिचय –

नाम – छत्रपति शिवाजी|

जन्म – वर्ष 1630|

जन्म स्थान – पुणे के शिवनेरी ग्राम में हुआ था|

माता – जीजाबाई|

पिता – शाहजी भोसले |


गुरु – रामदास|

पत्नी – साईं बाई|

विवाह – 16 मई 1640|

मृत्यु – 3 अप्रैल 1680|

19 साल के उम्र में शिवाजी ने तोरना के किले पर जीत हासिल कर ली थी|तोरना का किला जो पुणे से 20 मील दूरी पर स्थित है|इन्होने कई जगहों पर अपना साम्राज्य फैलाया जैसे- चाकन,सिंघागढ़, पुरंदर|१६५५ ई. में शिव जी ने उत्तरी कोकोंन और जवाली के किले पर भी कब्ज़ा कर लिया था|इसके कारण बीजापुर के सुल्तान ने वर्ष १६५९ शिवाजी को जिन्दा या मुर्दा लाने का आदेश दे दिया|

शिवाजी का जीवन परिचय

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शिवाजी विशेष –

दोस्तों आपको बताऊ शिवाजी की सेना ने 10 नवम्बर, 1659 प्रतापगढ़ की लड़ाई में बीजापुर सल्तनत को हराया|वहां उन्हें भारी मात्र में हथियार और युद्ध सामग्री मिले और उनके इक्कठा होने के कारण मराठा सेना बहुत ही ताकतवर बन गयी|इस सफलता को देख कर सभी मराठा लोगों के लिए शिवाजी नायक और वीर बन गए|

इतना ही नही बीजापुर के सुल्तान ने दोबारा अपनी एक बड़ी सेना, रुस्तम ज़मान के नतृत्व में शिवाजी से युद्ध के लिए भेजा परन्तु वह भी शिवाजी से हर गया|यह युद्ध 28 दिसम्बर, 1659 को कोल्हापुर में हुआ था|दोस्तों जिसमें बहुत सारे घोड़े, हाथी और युद्ध की सामग्री मराठों ने जमा कर लिया और अपनी ताकत को दुगना बाधा दिया|

सन 1674 तक शिवाजी राजे ने उन सारे प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था जो पुरन्दर की संधि के अंतर्गत उन्हें मुगलों को देने पड़े थे। पश्चिमी महाराष्ट्र में स्वतंत्र हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के बाद शिवाजीराजे का राज्याभिषेक हुआ।

दोस्तों विभिन्न राज्यों के दूतों, प्रतिनिधियों के अलावा विदेशी व्यापारियों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया गया|शिवाजी राजे ने छत्रपति की उपाधि ग्रहण की|काशी के पंडित विश्वेक्ष्वर जी भट्ट को इसमें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था|पर उनके राज्याभिषेक के 12 दिन बाद ही उनकी माता का देहांत हो गया|इस कारण से दूसरी बार उनका राज्याभिषेक हुआ|इस समारोह में हिन्द स्वराजकी स्थापना का उद्घोष किया गया था|विजयनगर के पतन के बाद दक्षिण में यह पहला हिन्दू साम्राज्य था|एक स्वतंत्र शासक की तरह उन्होंने अपने नामका सिक्का चलवाया|इसके बाद बीजापुर के सुल्तान ने कोंकण विजय के लिए अपने दो सेनाधीशों को शिवाजी के विरुध्द भेजा पर वे असफल रहे|

शिवाजी कला और संस्कृति, धर्मपरायणता और पत्रों के संरक्षक थे|उनके दिल में कोई भी भेदभाव कोई जातिवाद, और सांप्रदायिकता नहीं थी|बहुत सारे संतों जैसे मुनि बाबा, बाबा युकुब, तुकाराम और राम दास ने भी वीर शिवाजी की प्रसंशा की|बहुत सारे संस्कृत कवियों जैसे जैराम, परमानंदा और गागा भट्ट को भी उन्होंने संरक्षण दिया|

शिवाजी का जीवन परिचय

इसके बाद आपको जानना बहुत जरुरी है कि 12 वर्ष की उम्र में शिवाजी को बंगलौर ले जाया गया जहा उनका ज्येष्ठ भाई साम्भाजी और उनका सौतेला भाई एकोजी पहले ही औपचारिक रूप से प्रशिक्षित थे|शिवाजी का 1640 में निम्बालकर परिवार की सइबाई से विवाह कर दिया गया|1645 में किशोर शिवाजी ने प्रथम बार हिंदवी स्वराज्य की अवधारणा दादाजी नरस प्रभु के समक्ष प्रकट की|छत्रपति शिवाजी की मित्यु 3, अप्रैल 1680 को हुआ|उनकी मृत्यु के बाद 1680-1689 में उनके पुत्र संभाजी महाराज ने उनका पद ग्रहण किया|

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दोस्तों इस तरह आज आपको इस आर्टिकल के माध्यम से मैंने शिवाजी के जीवन के बारे में बताया उम्मीद है आपको बहुत पसंद आया होगा|अगर आपको मेरा ये पोस्ट पसंद आया हो तो आप हमे नीचे comment कर जरुर बताये साथ ही अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं तो comment में बता सकते हैं|

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