Yoga Meaning in Hindi

दोस्तों योग के बारे में सभी जानते हैं और सभी लोग करते हैं योग एक ऐसी साधना है जिसके करने से हमारा जीवन सुखमय बना रहता है|शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि। जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, समाधि तक पहुँचना कठिन होगा|योग दर्शन या धर्म नहीं, गणित से कुछ ज्यादा है|दो में दो मिलाओ चार ही आएँगे|चाहे विश्वास करो या मत करो, सिर्फ करके देख लो|आग में हाथ डालने से हाथ जलेंगे ही, यह विश्वास का मामला नहीं है|

योग in hindi

आज इस आर्टिकल के माध्यम से मै आपको योग के बारे में बता रहा हूँ उम्मीद है आपको बेहद पसंद आएगा|आपको बताना चाहूँगा योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे है|योग एक सीधा विज्ञान है|प्रायोगिक विज्ञान है|योग है जीवन जीने की कला|योग एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है|एक पूर्ण मार्ग है-राजपथ|दरअसल धर्म लोगों को खूँटे से बाँधता है और योग सभी तरह के खूँटों से मुक्ति का मार्ग बताता है|

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योग क्या है –

दोस्तों योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है|जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है|योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है|तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्‍वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं|योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है|योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है|


आपको बताये जैसे बाहरी विज्ञान की दुनिया में आइंस्टीन का नाम सर्वोपरि है, वैसे ही भीतरी विज्ञान की दुनिया के आइंस्टीन हैं पतंजलि|जैसे पर्वतों में हिमालय श्रेष्ठ है, वैसे ही समस्त दर्शनों, विधियों, नीतियों, नियमों, धर्मों और व्यवस्थाओं में योग श्रेष्ठ है|आज बाबा रामदेव जी जो कि दुनिया के सबसे बड़े योग गुरु हैं उन्होंने योग को ऐसा पूरे देश में फैला दिया जिससे लोग स्वस्थ जीवन जी रहे हैं|आपको बताये बाबा जी एक ऐसे संत हैं जो हमारे जीवन में नयी जिंदगी का संचार कर रहे हैं|

दोस्तों पतंजलि ने ईश्वर तक, सत्य तक, स्वयं तक, मोक्ष तक या कहो कि पूर्ण स्वास्थ्य तक पहुँचने की आठ सीढ़ियाँ निर्मित की हैं|आप सिर्फ एक सीढ़ी चढ़ो तो दूसरी के लिए जोर नहीं लगाना होगा, सिर्फ पहली पर ही जोर है पहल करो|जान लो कि योग उस परम शक्ति की ओर क्रमश: बढ़ने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है|आप यदि चल पड़े हैं तो पहुँच ही जाएँगे|

योग वृहत्तर विषय है|आपने सुना होगा- ज्ञानयोग, भक्तियोग, धर्मयोग और कर्मयोग|इन सभी में योग शब्द जुड़ा हुआ है। फिर हठयोग भी सुना होगा, लेकिन इन सबको छोड़कर जो राजयोग है, वही पतंजल‍ि का योग है|इसी योग का सर्वाधिक प्रचलन और महत्व है|इसी योग को हम आष्टांग योग के नाम से जानते हैं|आष्टांग योग अर्थात योग के आठ अंग|दरअसल पतंजल‍ि ने योग की समस्त विद्याओं को आठ अंगों में श्रेणीबद्ध कर दिया है|अब इससे बाहर कुछ भी नहीं है|प्रारम्भिक पाँच अंगों से योग विद्या में प्रविष्ठ होने की तैयारी होती है, अर्थात समुद्र में छलाँग लगाकर भवसागर पार करने के पूर्व तैराकी का अभ्यास इन पाँच अंगों में सिमटा है|

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दोस्तों इन्हें किए बगैर भवसागर पार नहीं कर सकते और जो इन्हें करके छलाँग नहीं लगाएँगे, तो यहीं रह जाएँगे|बहुत से लोग इन पाँचों में पारंगत होकर योग के चमत्कार बताने में ही अपना जीवन नष्ट कर बैठते हैं|आइये जानते हैं योग के कितने प्रकार होते हैं|

  • यम|
  • नियम|
  • आसन|
  • प्राणायाम|
  • प्रत्याहार|
  • धारणा|
  • ध्यान|
  • समाधि|

प्राचीन शास्त्र पतंजलि योग सूत्र पर गुरुदेव के अनन्य प्रवचन, आपको योग के ज्ञान से प्रकाशमान करते हैं, तथा योग की उत्पति और उद्देश्य के बारे में बताते हैं|योग सूत्र की इस व्याख्या का लक्ष्य योग के सिद्धांत बनाना और योग सूत्र के अभ्यास को और अधिक समझने योग्य व आसान बनाना है|इनमें ध्यान केंद्रित करने के प्रयास की पेशकश की गई है कि क्या एक ‘योग जीवन शैली’ का उपयोग योग के अंतिम लाभों का अनुभव करने के लिए किया जा सकता है|

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दोस्तों इस तरह आज आप सभी ने इस आर्टिकल के माध्यम से जाना कि योग क्या होता है और इसके प्रकार के बारे में आपको बताया उम्मीद है आपको बहुत अच्छा लगा होगा अगर आप सभी ने मेरे इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ा होगा तो मै उम्मीद के साथ कह सकता हूँ आप सभी को जरुरी जानकारी मिल गयी होगी|अब अगर आपको कुछ पूछना हो तो नीचे message box में comment कर बता सकते हैं|

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